मेरी कविता


कविता, हाँ, मेरी कविता,
जैसे मेरे भावों की एक निर्मल, बहती सरिता ||

इनमे प्रेम है, कटाक्ष है,
मेरे मनोभावों का, दिखता इनमे प्रत्याक्ष है ||

ये मेरा जीवन हैं, मेरे ह्रदय का दर्पण हैं,
कुछ मेरे मित्रों, कुछ, मेरे देश को अर्पण हैं ||

ये मेरे सुख का राग, दुःख की रागिनी हैं,
ये मेरी हर जीत, हर हार की संगिनी हैं ||

~o~

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